विस्थापन विकास नहीं विनाश, बिना ठोस योजना मूल निवासियों को उजाड़ने की तैयारी का विरोध: गुलाब सिंह नेतामसूरजपुर
BGN24 India news
सरगुजा संभागीय ब्यूरो चीफ
शिव नाथ बघेल
रामानुजनगर: सूरजपुर जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत मदननगर में आयोजित संभाग स्तरीय आदिवासी सम्मेलन में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। सम्मेलन में SECL द्वारा प्रस्तावित कोयला खनन परियोजना के तहत सूरजपुर जिले के 22 गांवों के संभावित विस्थापन को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता और आक्रोश देखने को मिला।अधिकारों का हनन: पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र, पेसा कानून (PESA) और वन अधिकार कानून लागू होने के बावजूद बिना किसी ठोस योजना के मूल निवासियों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। समाज के नेताओं ने कहा कि यह विकास नहीं बल्कि विनाश है, जिससे जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और जैव विविधता पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।अस्तित्व की लड़ाई: सम्मेलन में हजारों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग रामानुजनगर के ब्लॉक अध्यक्ष गुलाब सिंह नेताम ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सामाजिक समस्या है। युवा प्रभाग पूरी मजबूती के साथ ग्रामीणों के साथ खड़ा है और किसी भी असंवैधानिक कार्यवाही का पुरजोर विरोध करेगा। यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि अस्तित्व, पहचान और संस्कृति की लड़ाई है।विकल्प 2:

अस्तित्व, पहचान और संस्कृति की लड़ाई!
सूरजपुर के मदननगर में आयोजित संभाग स्तरीय आदिवासी सम्मेलन में SECL की कोयला खनन परियोजना के कारण 22 गांवों के संभावित विस्थापन पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला।
मुख्य बिंदु:पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून और वन अधिकार एक्ट के बावजूद मूल निवासियों को उजाड़ने की तैयारी।जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और जैव विविधता पर मंडराता गंभीर संकट।यह तथाकथित विकास नहीं, बल्कि आदिवासियों का विनाश है!सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग रामानुजनगर पूरी मजबूती से प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़ा है। हम किसी भी असंवैधानिक और एकतरफा कार्रवाई का पुरजोर विरोध करेंगे। यह लड़ाई हमारे अस्तित्व की है!जय जोहार! जय आदिवासी!- गुलाब सिंह नेताम (ब्लॉक अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग रामानुजनगर)इस विषय पर आगे की रणनीति या कानूनी कार्यवाही के लिए यदि आप कुछ और तैयार करना चाहते हैं, तो मुझे बताएं:क्या आपको इस संबंध में राज्यपाल या मुख्यमंत्री को सौंपने के लिए एक औपचारिक ज्ञापन (Memorandum) का प्रारूप चाहिए?क्या इस आंदोलन के तहत किसी आगामी बैठक या धरना प्रदर्शन की तिथि तय की गई है जिसे इसमें जोड़ना हो?क्या प्रभावित होने वाले 22 गांवों के नाम या किसी विशेष मांग को इस ड्राफ्ट में शामिल करना है?एआई गलती कर सकता है, इसलिए इसके जवाबों की दोबारा जांच कर लें
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शिव नाथ बघेल











