जंगल विभाग के अफसरों ने निगल गये सारा जंगल जंगली जानवरों का उजड़ा असियाना जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में आकर दे रहे हैं अपने मौत का दस्तक,,,,
संभागीय ब्यूरो चीफ शिव नाथ बघेल
दिनांक,23/03/2026,
जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़,,
सुरजपुर -ओडगी
जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर इलाके की जंगल जंगल विभाग के अफसरों कि सांठ -गांठ से इस क्षेत्र का जंगल पुरी तरह से नष्ट हो रहा है जिस कारण जंगली जानवरों का जंगल में रहना दुर्लभ हो गया है जिस कारण जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में आकर दे रहे हैं अपने मौत को अन्जाम
जंगल विभाग कि लापरवाही का कारण बना एक लकड़बग्घे मौत

मिली जानकारी के अनुसार जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी पुर के मध्य प्रदेश सिमावर्ती इलाका ग्राम पंचायत कोल्हुआ मकाराद्वारी स्थित जंगल से एक लकड़बग्घा ने सुबह से ही रिहाइसी इलाके में आ घुसा उसकी स्थिति बहुत नाजुक थी वह अजीब हरकतें कर रहा था कहीं पत्थर को काटने की कोशिश करता था तो कहीं लकड़ी को दांत से चाबता था उसकी स्थिति देखकर लगता था कि वह किसी कारणवश पागल हो चुका था इसकी जानकारी ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी लेकिन वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया एक बेजुबान जानवर लकड़बग्घा की जान मकर द्वारी नदी स्थित तड़प तड़प के मौत हो गई हैरानी की बात तो यह रही की वन विभाग की टीम लकड़बग्घा की मौत होने के बाद पहुंची ग्रामीणो का कहना है कि लकड़बग्घे कि जान जंगल में आग लगने के वजह से हुई है क्योंकि जंगल में जब आग लग जाती है तो आग के धुवे से जंगली जानवरों का दम घुटने लगता है उस समय में न तो उन वनपर्णीयो को पानी ना तो भोजन मिल पाता है और जहरीली गैसो के कारण से वे वेहोस होकर गिर जाते हैं कई जानवर आग की लपेटो की चपेट में आ जाते हैं और गंभीर रूप से झुलस जाते हैं आग लगने पर जानवर सुरक्षित स्थान की तलाश में भागते हैं लेकिन अगर आग चारों तरफ से घेर ले तो वह बाहर नहीं निकाल पाते आग के कारण ना केवल पेड़ पौधे नष्ट हो रहे हैं बल्कि छोटा जीव रंगने वाले जंतु और पक्षी आग की चपेट में आकर दम तोड़ रहे।।
गांवो में भय का माहौल
जंगली जानवरों को रिहायसी इलाकों में आने से ग्रामीणों में डर का माहौल है जानवर भोजन और पानी की तलाश में पालतू पशु या मनुष्य पर हमला कर सकते हैं
जंगल विभाग के सांठ -गांठ से ईट भट्ठा व लकड़ी तस्करों का हौसले बुलंद विभाग मे जीरो पॉइंट करवाही
आपको बता दे चांदनी क्षेत्र में जंगल से सट्टे लगभग कई वर्षों से सैकड़ो ईट भट्टों का कार्य चलता आ रहा हैं गुरु घासीदास पार्क से लकड़ी तस्करों ने लगातार एमपी में लकड़ी पर की जा रही है जो की हरदम मीडिया सोशल मीडिया में छाया रहता है लेकिन जंगल विभाग की तरफ से कार्यवाही के नाम से जीरो पॉइंट है जिस वजह से स्पष्ट अंदाजा लग सकता है जंगल विभाग की मिली भगत से ईट भट्ठा एवं लकड़ी तस्करों को खुली छूट दी गई है।।

जंगल कटा जंगली जानवरों का खतरा बढ़ा,, मामले को लेकर जब पत्रकारों के द्वारा वन विभाग के अधिकारी व रेंजर साहब को फोन किया गया तब साहब को फोन उठाने और जबाब देने में भी था, दिक्कत
जिस कारण जंगल पूरी तरह से नष्ट हो रहा है जिस वजह से जंगली जानवर जंगल छोड़ रिहायशी इलाकों में मौत बनकर मर्डरा रहे हैं।।
जिसमें स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल व्याप्त है।। अब देखने वाली बात यह है कि, क्या वन विभाग कोई बड़ा फैसला लेते हुए ग्रामीणों कि रक्षा हेतु कोई पहल करेंगे, या किसी बड़े हादसे का इंतजार है इन सब बातों में देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन जंगलों में हो रही अवैध पेड़ों कि कटाई पर अंकुश लगा पाने सफल होंगे, या ऐसे ही जंगलों को उजाड़ा जाता रहेगा। जब हमने इस मामले को, उच्च अधिकारियों और सूरजपुर फारेस्ट रेंजर से कारण जानना चाहा तो साहब का नंबर कवरेज मिला और फोन करने के बाद फोन तक रिसीव नहीं किया गया ऐसे लापरवाह रेंजरों के भरोसे वन विभाग है।
तो अंदाजा लगा सकते हैं कि सूरजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले जंगल कि सीमा सहित दूसरे राज्यों के बार्डर से सटे जंगलों का हाल क्या होगा।।
और वही सूत्रों कि माने तो रेंजर साहब के द्वारा बड़े पत्रकारों और बाहरी पत्रकारों को ज्यादा पसंद करते है।।











