भारत की एक और रतन आशा जी नहीं रही
BGN 24 INDIA
12/04/2026
आशा भोंसले के अवसान से एक युग का अवसान हो गया।
हमारी आयु लता मंगेशकर और उनकी छोटी बहन आशा भोंसले के गीतों के साए में गुजरती रही। महिला गायकी में इन के रिक्त स्थान की पूर्ति तो संभव ही नहीं और न ही कोई नाम सूझता ही है।

दोनों ही बहनों ने अपनी अल्प आयु में पिता के विछोह का गहरा दंश छुआ और परिवार के पालन पोषण और बुनियादी जरूरतों की पूर्ति के निमित्त इकाई की अपनी बाल आयु से संगीत को आजीविका बनाया। आशा भोंसले यूं तो लता जी से कमतर नहीं तो रही और उनने कई मसलन सर्वाधिक 12000 गाने रिकॉर्ड कराने का यश अर्जित किया। लता जी जहां जीवन भर अविवाहित रहीं वरन आशा भोंसले ने मात्र 16 वर्ष की आयु में ही लता मंगेशकर के सेक्रेटरी से ही ब्याह रचा लिया जिससे उनकी पारिवारिक अनबन और परिवार से विछोह भी चला। उनके इस विवाह से 3 संतानें हुईं पर संभवतः 31 वर्ष की आयु में पति की इहलीला समाप्ति से टूट गईं और क्रमशः पुनः परिवार से दूरियां समाप्त भी हो चलीं।
कालांतर में आप आर. डी. बर्मन, मशहूर संगीतकार और गायक तथा महान संगीतकार सचिन देव बर्मन के सुपुत्र से विवाहित हुईं।
लता जी के स्वर साम्राज्य में जहां भक्ति, वैराग्य, श्रृंगार और वियोग तथा देश भक्ति के प्रति अनुराग रहा वहां ही आशा जी के स्वर माधुर्य में चपलता, चंचलता, शोख पन और अल्हड़ता के गुण रहे।
लता जी जहां भारत रत्न से नवाजी गईं वहीं आशा जी को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यही नहीं वरन आशा जी को ग्रैमी अवार्ड हेतु भी नामांकित किया गया जो विलक्षण उदाहरण है।

इनके कालजई गानों की लंबी लिस्ट है पर जो जेहन में सजीव हुआ करता है उसमें उमराव जान कौंधता रहता है।
आशा जी का यह गायन मेरे दिल के सबसे अधिक पुर नम है;
अभी न जाओ छोड़कर
कि दिल अभी भरा नहीं
अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि और भावांजलि संगीत जगत की इस अनमोल धरोहर को
विशाल सिंह राजपूत
प्रदेश प्रवक्ता/ब्यूरो चीफ
बी जी एन 24 इंडिया
रायगढ़ (छ. ग.)











