अगले माह यानी मार्च महीने के दूसरे या तीसरे सप्ताह मैं हमारे देश मैं एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा होगा यह मैं नहीं बल्कि एक पत्रकार पंकज प्रसून ने कहा है,

अगले माह यानी मार्च महीने के दूसरे या तीसरे सप्ताह मैं हमारे देश मैं एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा होगा यह मैं नहीं बल्कि एक पत्रकार पंकज प्रसून ने कहा है,

साथियों आप मानो या ना मानो लेकिन हमारे देश मैं नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को सत्ता से हटाने के लिए बहुत बड़ी साज़िश की जा रही है,

क्यों कि आप लोगों ने भी गौर किया होगा कि एक दम से हमारे देश मैं नए नए मुद्दों पर अराजकता क्यों दिखाई दे रही है

👉🏻पहली घटना माघ मेले मैं स्नान ना करने पर अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा सरकार को संत विरोधी बताया,

👉🏻दूसरी घटना उसके ठीक बाद ही उसी माघ मेले के तहत UGC कानून पर नरेंद्र मोदी को ब्राह्मण विरोधी बताया गया,

👉🏻तीसरी घटना एपिस्टिन फाइल मैं मोदी के नाम को लेकर मोदी को घेरने की कोशिश

👉🏻चौथी घटना अमेरिका ट्रेड डील के नाम पर देश के किसानों के मन मैं भ्रम फैला कर नए किसान आंदोलन को उकसाना हो

यह सब की टाइम लाइन एक दम से कैसे समान हो गई सोचने वाली बात है,
कैसे एक हिंदू विरोधी मानसिकता रखने वाला संत एक ही दिन मैं ब्राह्मणों का खास बन गया,
कैसे दिन रात मोदी के नाम की माला जपने वाले मोदी को गाली देने लग गए तेली कहने लग गए
योगी आदित्यनाथ को हिंदू हृदय सम्राट से एक ढोंगी बुलाने लग गए
यह सब कुछ विपक्ष के नेताओं की सोची समझी साजिश है ।

आप सभी अनिल मिश्रा को जानते ही होंगे जिन्हें ब्राह्मणों का खास समर्थक माना जा रहा है वो तो खुद एक कांग्रेस की NSUI का सदस्य रहा है,
जिस संतोष वर्मा ने ब्राह्मणों की बेटियों के लिए विवादित बयान दिया था वो तो दिग्विजय सिंह का खास आदमी निकला है,

यहां तक कि पंकज प्रसून ने यहां तक बताया कि जब UGC कानून संशोधन सरकार लेके आई उसके बाद ही समाजवादी पार्टी के एक नेता ने कुछ यूट्यूबर को फंडिंग उपलब्ध कराई जो मोदी को ब्राह्मणवाद विरोधी साबित करने के लिए कार्य करे,

कुछ दिन पहले राहुल गांडी द्वारा किसानों ने मिलने की बात कही थी लेकिन असल मैं वह कांग्रेस की ही सदस्य पाए गए तो इस बात से भी समझ सकते है,

ओर यहां तक कि यह भी जानकारी निकल कर आ रही है कि कांग्रेस के द्वारा अविमुक्तेश्वरानंद को एक आंदोलन स्वामी कालपात्री महाराज के द्वारा सरकार विरोधी खड़ा करने का कहा गया है जिसमें इन संत के द्वारा आंदोलन के नाम पर अराजकता की जाई जिसके बाद एक्शन के तौर पर सरकार नियंत्रण करने के लिए बल का प्रयोग करे और नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को इस तरह से हिंदू विरोधी साबित किया जा सके

अब इन बातों से साबित होता है कि देश की सबसे पुरानी ओर यूपी की एक पार्टी मिलकर सरकार के खिलाफ कितना बड़ा कांड करने की तैयारी कर रही है,

जागते रहो हिंदुओं जाति, समाज,
वर्गों मैं बंटना का समय नहीं
बल्कि साथ ओर संगठित रहने का वक्त है,

वरना आज एक दूसरे से लड़ लिए
तो कल ना देश बचेगा ना
अधिकार ना अहम इनके लिए हम…..!

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