मनरेगा में कमीशनखोरी का आरोप : जांच में पैसे लेने की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई नहीं, टंडवा पंचायत का वीडियो वायरल
प्रतापपुर/चतरा। चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड अंतर्गत टंडवा पंचायत में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अबुआ आवास योजना में कमीशनखोरी का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के मुखिया रामकेश्वर यादव उर्फ किशोर यादव पर मजदूरी भुगतान और योजनाओं के लाभ दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगा है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मुखिया कथित तौर पर पैसे लेते नजर आ रहे हैं।


ग्रामीणों और लाभुकों ने मामले की शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), उपविकास आयुक्त, उपायुक्त तथा मनरेगा आयुक्त से की थी। साथ ही केंद्र सरकार के सीपी ग्राम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद हुई जांच में पैसे लेने की बात सामने आने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
क्या है मामला
टंडवा पंचायत के जमुनियां टांड़ निवासी पप्पू कुमार ने सीपी ग्राम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि पंचायत के मुखिया मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना में पांच प्रतिशत कमीशन की मांग करते हैं। शिकायत में कहा गया कि राशि लेने के बावजूद मजदूरों का भुगतान नहीं कराया गया और डीएससी चलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूले गए।
जांच में क्या सामने आया
सीपी ग्राम शिकायत संख्या DORLDE/2026/0006152 एवं GOBJH/2026/0002502 के आधार पर प्रतापपुर बीडीओ ने जांच की। बीडीओ द्वारा जारी पत्रांक 843 दिनांक 11 मई 2026 में उल्लेख किया गया कि मजदूरी भुगतान के एवज में कथित कमीशन लेने का वीडियो मजदूरों द्वारा 9 फरवरी 2026 को उपविकास आयुक्त को सौंपा गया था।
जांच रिपोर्ट में आगे की कार्रवाई के लिए पत्रांक 829 और 830 दिनांक 9 मई 2026 के माध्यम से उपविकास आयुक्त और जिला पंचायती राज पदाधिकारी को प्रतिवेदन भेजे जाने की जानकारी दी गई।
मुखिया ने क्या कहा

जांच के दौरान मुखिया रामकेश्वर यादव उर्फ किशोर यादव ने पैसे लेने की बात स्वीकार की, लेकिन इसे कमीशन लेने से इनकार किया। उनका कहना था कि यह राशि डीएससी बनवाने के लिए ली गई थी। हालांकि जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि डीएससी बनवाने या किसी भी सरकारी कार्य के एवज में राशि लेना नियम विरुद्ध और अनुचित है।
मुखिया ने अपने स्पष्टीकरण में यह भी कहा कि उनकी लोकप्रियता से घबराकर राजनीतिक विरोधी उन्हें बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जब वायरल वीडियो और जांच रिपोर्ट दोनों में पैसे लेने की पुष्टि हो चुकी है, तब भी कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि मामले में केवल खानापूर्ति की जा रही है।
जिला पंचायती राज पदाधिकारी का बयान

जिला पंचायती राज पदाधिकारी अनुरंजन झा ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में मामला सही पाया गया है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब बीडीओ द्वारा जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी थी, तो आखिर मामला उनके संज्ञान में क्यों नहीं आया। पूरे प्रकरण में अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
रिपोर्ट :
विशाल सिंह राजपूत
राष्ट्रीय प्रवक्ता, बीजीएन 24 इंडिया न्यूज़रिपोर्ट :
विशाल सिंह राजपूत
राष्ट्रीय प्रवक्ता, बीजीएन 24 इंडिया न्यूज़











