जैनम एकेडमी की संस्थापक DEEPAKSHA JAIN एवं उनकी माताजी द्वारा आयोजित
आज के समय में कई महिलाएँ – चाहे वे working हों या non-working – अपने जीवन में अनगिनत संघर्षों का सामना करती हैं। बहुत सी महिलाएँ शादी या माँ बनने के बाद अपने सपनों को पीछे छोड़ देती हैं, कई महिलाएँ घर और जिम्मेदारियों के बीच अपने लिए कभी मंच नहीं पा पातीं।
इसी सोच के साथ DEEPAKSHA JAIN और उनकी माताजी द्वारा यह पहल की गई है —
ताकि हर महिला को एक ऐसा मंच मिल सके, जहाँ वह अपनी संघर्ष भरी यात्रा को साझा कर सके, अपनी पहचान बना सके और समाज से सम्मान प्राप्त कर सके।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है:
• हर महिला को अपनी कहानी कहने का अवसर देना
• उनके संघर्ष, त्याग और उपलब्धियों को सम्मान देना
• उन महिलाओं को प्रेरित करना, जो अपने सपनों को कहीं पीछे छोड़ चुकी हैं
• माँ बनने के बाद भी अपने अस्तित्व और सपनों को पहचानने का हौसला देना
हम मानते हैं कि माँ बनना ही एक सबसे बड़ा सम्मान है, लेकिन कई बार उनके संघर्षों को वह पहचान नहीं मिल पाती जिसकी वे हकदार होती हैं।
यह मंच खास तौर पर उन माताओं और महिलाओं के लिए है, जिन्होंने जीवन में बहुत कुछ सहा, बहुत कुछ छोड़ा, लेकिन फिर भी हमेशा अपने परिवार और समाज के लिए मजबूत बनी रहीं।
DEEPAKSHA JAIN की अपनी माताजी ने भी जीवन में बहुत संघर्ष किया, लेकिन उन्हें कभी ऐसा मंच नहीं मिला जहाँ वे अपनी यात्रा साझा कर सकें और सम्मान पा सकें।
इसी भावना से यह शुरुआत की गई — ताकि हर माँ और हर महिला की कहानी सुनी जाए, और उनकी journey दूसरों के लिए प्रेरणा बन सके।

हम चाहते हैं कि इस पहल के माध्यम से:
हर महिला को अपने होने पर गर्व महसूस हो,
हर माँ को अपने त्याग का सम्मान मिले,
और उनकी कहानी समाज में नई प्रेरणा बन सके।
👩👧👧 इस विशेष आयोजन की खास बात – रैम्प पर 3 पीढ़ियाँ एक साथ वॉक करेंगी
दादी, माँ और बेटी एक साथ मंच पर आकर यह संदेश देंगी कि नारी की शक्ति हर पीढ़ी में समान रूप से प्रेरणादायक है।
⸻
🌟 समापन पंक्ति
यह सराहनीय पहल जैनम एकेडमी की संस्थापक DEEPAKSHA JAIN द्वारा की गई है, जो समाज में महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और प्रेरणा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











